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हार्डवेयर के तहत कम्प्यूटर के पार्ट्स, जैसे-सीडी रैम, हार्ड डिस्क, मदर बोर्ड, मॉनीटर, सीपीयू जब खराब हो जाएं, तो उन्हें बदलने, नया कम्प्यूटर असैंबल करने, उनकी रिपेयरिंग, सर्विसिंग आदि की ट्रेनिंग दी जाती है। आमतौर पर इस इंटीग्रेटेड कोर्स की अवधि डेढ़ से दो साल की होती है। इन कोर्सेज पर 65 हजार से एक लाख रुपए तक की लागत आती है। न्यूनतम योग्यता किसी भी विषय में 12वीं पास है।

आई.टी. वल्र्ड में इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो एक ऑप्शन हार्डवेयर-नैटवर्किग का भी है। इस शॉर्ट-टर्म कोर्स को पूरा करके जॉब भी पा सकते हैं या फिर खुद का काम भी शुरू कर सकते हैं.
नई टैक्नोलॉजी की वजह से दुनियाभर में हार्डवेयर प्रोफैशनल्स की मांग तेजी से बढ़ी है। अगर आप इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, तो हार्डवेयर- नैटवर्किग से जुड़े चिप लैवल के एडवांस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। अच्छी बात यह ha कि हार्डवेयर-नैटवर्किग से जुड़ा यह कोर्स आप 10वीं-12वीं के बाद भी कर सकते हैं। हालांकि इस कोर्स की इंपॉर्टेस को देखते हुए इसे बी.टैक. डिग्रीधारी अपनी स्किल बढ़ाने के लिए भी यह कोर्स कर रहे हैं। यह कोर्स आप दिल्ली-एनसीआर से भी कर सकते हैं और अपने शहर में स्थित किसी प्रमाणिक संस्थान से भी, जहां प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ज्यादा जोर दिया जाता हो।

डिमांडिंग कोर्स
आज छोटे से लेकर बड़े कॉर्पाेरेट ऑफिसेज तक में हर काम कम्प्यूटर्स के जरिए ही हो रहा है। नैटवर्किग के जरिए इन कम्प्यूटर्स को एक-दूसरे से जोड़ा जाता है, ताकि इनके डाटा को आपस में शेयर किया जा सके। हार्डवेयर के तहत कम्प्यूटर्स के पार्ट्स की देखभाल की जाती है। इसमें उनकी रिपेयरिंग या खराब पार्ट्स को बदलना शामिल होता है। यह काम हार्डवेयर इंजीनियर करता है। कई बार नैटवर्किग का काम भी वही करता है। कम्प्यूटर पर निर्भरता को देखते हुए आज हर छोटे-बड़े ऑफिस में हार्डवेयर-नैटवर्किग इंजीनियर्स की खूब डिमांड होती है। तकनीक में इंट्रैस्ट रखने वाला बारहवीं पास स्टूडैंट भी इस काम को आसानी से सीखकर अपने लिए करियर की राह आसान बना सकता है। वैसे इसके तहत कई तरह के कोर्स संचालित हैं। इन कोर्सेज को वल्र्ड लैवल के सर्टीफिकेशन, जैसे-सीसीएनए, सीसीएनपी दिए जाते हैं। इस सर्टीफिकेशन के साथ एमएनसी में भी जॉब हासिल की जा सकती है। ट्रेनिंग संस्थानों में सर्टीफिकेशन के साथ और बिना सर्टीफिकेशन के डिप्लोमा या सर्टीफिकेट कोर्स भी कराए जाते हैं। डिप्लोमा या सर्टीफिकेट कोर्स के आधार पर छोटी कंपनियों में नौकरी पाई जा सकती है।

नैटवर्किग : एक क्लिक पर दुनिया
कम्प्यूटर के संदर्भ में नैटवर्किग का मतलब है, दो या दो से अधिक कम्प्यूटर्स को आपस में जोड़ना। इसके तहत, कम्प्यूटर नैटवर्किग लैन, मैन, वैन, वाई-फाई, सीसीएनए आदि की स्पैशलाइज्ड ट्रेनिंग दी जाती है। नैटवर्किग से रिलेटिड कोर्स के लिए जरूरी योग्यता 10 वीं या 12वीं है। इस कोर्स की फीस लगभग 25 हजार रु पए के आस-पास है। कोर्स कंप्लीट करने के बाद शुरु आत में 12 से 15 हजार रु पए प्रतिमाह आसानी से कमा सकते हैं।

सीसीएनए
नैटवर्किग फील्ड में अपना फ्यूचर बनाना चाहते हैं, तो 10 से 15 हजार रुपए में एक साल का सीसीएनए यानी सिस्को सर्टीफाइड नैटवर्क एसोसिएट कोर्स कर सकते हैं। इस कोर्स में नैटवर्क कंफिगरेशन और वैरीफिकेशन के बारे में बताया जाता है। सिस्को  सर्टीफिकेशन के लिए एग्जाम ऑनलाइन कराए जाते हैं। इस कोर्स को आप 12वीं के बाद कर सकते हैं।  माइक्रोसॉफ्ट, एचसीएल जैसी कंपनियों के साथ-साथ इस कोर्स की टीचिंग में भी बहुत डिमांड है। अगर आप नैटवर्किग में बड़ा नाम कमाना चाहते हैं, तो सीसीएनए के बाद सीसीइएनटी (योग्यता : ग्रैजुएशन), सीसीएनपी (योग्यता : सीसीएनए में डिप्लोमा या ग्रैजुएशन) या सीसीआईई (योग्यता : 3 से 5 साल नैटवर्किग एक्सपीरियंस) जैसे कोर्स कर अपना फ्यूचर बना सकते हैं।

एमसीएसई
एमसीएसई यानी माइक्रोसॉफ्ट सर्टीफाइड सिस्टम इंजीनियर। यह कोर्स मल्टीनैशनल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट द्वारा कराया जाता है। यह ,सर्टीफिकेट कोर्स है। इस कोर्स के लिए जरूरी योग्यता 12वीं पास है। कोर्स की फीस करीब 20 हजार रुपए है। कोर्स की अवधि 5 से 6 महीने है। कोर्स कंप्लीट करने के बाद सिस्टम इंजीनियर, टैक्निकल सपोर्ट इंजीनियर, सिस्टम एनालिस्ट के तौर पर काम कर सकते हैं।

मोबाइल रिपेयरिंग
आज शहर से लेकर गांवों-कस्बों तक तकरीबन हर हाथ में मोबाइल है। मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल ने इनके इंजीनियर्स के लिए भी डिमांड बढ़ा दी है। 10वीं या 12वीं पास स्टूडैंट्स मोबाइल रिपेयरिंग का कोर्स कर सकते हैं। मोबाइल रिपेयरिंग के क्षेत्र में डिप्लोमा इन मोबाइल रिपेयरिंग एंड मैंटेनैंस और डिप्लोमा इन मोबाइल फोन रिपेयरिंग कोर्स प्रमुख हैं। मोबाइल कोर्स कम से कम 15-20 हजार में किया जा सकता है। नोटबुक, टैब, स्मार्टफोन और आइफोन रिपेयरिंग कोर्स के लिए अलग से 10 से 20 हजार रु पए देना होता है।

लैपटॉप रिपेयरिंग
लैपटॉप के बढ़ते यूज को देखते हुए इसकी रिपेयरिंग का काम भी बेहद डिमांडिंग है। 10वीं या 12वीं के बाद यह कोर्स करके लैपटॉप तकनीशियन के रूप में अपना काम किया जा सकता है।

कोर्सेज
डिप्लोमा इन नैटवर्क टैक्नोलॉजी एंड डेटाबेस

एडमिनिस्ट्रेशन
*एडवांस डिप्लोमा इन नैटवर्क टैक्नोलॉजी एंड
*सिक्योरिटी एक्सपर्ट
*डिप्लोमा इन मोबाइल फोन रिपेयरिंग
*बेसिक मोबाइल फोन एंड चिप लैवल ट्रेनिंग
*बेसिक ऑफ मोबाइल कम्युनिकेशन

निखारें स्किल
दुनिया के साथ-साथ अपने देश में जिस तरह कम्प्यूटर्स पर निर्भरता बढ़ी है, उसे देखते हुए हार्डवेयर और नैटवर्किग एक्सपर्ट्स की डिमांड भी लगातार बनी रहती है। जो भी इस फील्ड में आना चाहता है, वह कोर्स किसी प्रमाणिक संस्थान से ही करे। जहां मार्कीट की रिक्वॉयरमैंट के मुताबिक एडवांस प्रैक्टिकल कोर्स की सुविधा उपलब्ध हो। मेहनत से ट्रेनिंग लेकर अपनी स्किल निखारेंगे, तो जॉब पाने में आसानी होगी।

Web Title: Do you want to become an engineer in I.T World

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