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 पांचवां विश्व बौद्ध धर्म मंच 29 अक्तूबर को दक्षिणी चीन के फूचैन प्रांत में हुआ। चीन, अमेरिका, रूस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इटली, दक्षिणी कोरिया, जापान, थाइलैंड, श्रीलंका तथा चीनी थाइवान आदि 55 देशों व क्षेत्रों के हजार से अधिक बौद्धिक धर्म व्यक्तियों, विद्वानों और जाने माने सूत्रों ने मंच में भाग लिया।

चीनी राष्ट्रीय जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन के अध्यक्ष वांग यांग ने मंच के समक्ष अपने बधाई संदेश में कहा कि बौद्ध धर्म ने चीन के कन्फ्यूशियसवाद, ताओवाद संस्कृतियों के साथ मिलकर चीनी सभ्यता को समृद्ध बनाया। वर्तमान में विश्व का भारी परिवर्तन आ रहा है। शांति और विकास फिर भी हमारे युग का प्रमुख विषय है। लेकिन विश्व में अस्थिरता और अनिश्चितता की समस्याएं भी मौजूद हैं। बौद्ध धर्म विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए सकारात्मक योगदान पेश कर सकेगा। वांग यांग ने कहा कि विश्व में विभिन्न सभ्यताओं को आपस में आदान प्रदान करने से और अधिक समृद्ध बनाया जाता है। सिल्क रोड से एक पट्टी एक मार्ग के इतिहास से यह साबित है कि आदान प्रदान और एक दूसरे से सीखना मानव प्रगति और विश्व प्रगति को बढ़ाने की प्रमुख शक्ति है। चीन सरकार अपने देश के बौद्ध धर्म और दूसरे देशों के बौद्धिक संगठनों के बीच शांतिपूर्ण आदान प्रदान का समर्थन करती है।     

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना, म्यांमार के राष्ट्रपति ऊ विन म्येंत समेत कुछ विदेशी नेताओं तथा जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, अमेरिका, रूस, कंबोडिया और फिलिपिन्स आदि देशों के बौद्ध धर्म संगठनों के जिम्मेदार व्यक्तियों ने भी मंच को बधाई संदेश भेजे।  

 

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

 

Web Title: Fifth World Buddhist Forum happened in FuChan province of southern China

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