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शिमला: राजधानी शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में दशहरा उत्सव धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर के मैदान में 45 फुट के रावण सहित मेघनाथ और कुंभकरण के चालीस फुट के पुतलों का दहन किया गया। हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रिमोट का बटन दबाकर करीब शाम के 5 बजकर 57 मिनट पर रावण का दहन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है प्रदेश में युवाओं में नशा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है जिस पर सभी लोगों को इकट्ठा होकर काम करने की जरूरत है, ताकि प्रदेश में बढ़ रही इस बुराई का भी अंता हो सके।

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शिमला का नाम श्यामला करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई स्थानों पर पौराणिक नामों को अंग्रेजों ने गलत तरीके से बदला है जिस पर सरकार विचार करेगी और अगर जरूरत पड़ी तो नाम को बदला भी जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवाली पर लोगों से कम से कम पटाखे फोड़ने की अपील की है जिससे प्रदूषण में कमी हो सके। उन्होंने कहा पटाखे कम चलाएं एक दूसरे को मिठाई बांटकर मनाएं दिवाली रावण का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के इस उत्सव में भारी संख्या में लोगों पुतले को जलता देखने के लिए जुटे थे।

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रावण की पुतले को आग लगते ही पटाखों के फूटने और आतिशबाजियों के चलने का दौर जमकर चला। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक विजयदशमी पर्व राजधानी में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जगह रावण दहन किया गया। शिमला के उपनगरो में भी दशहरा पर्व पर विशेष आयोजन किया गया। शिमला के संकटमोचनए न्यु शिमला, बालुगंज, समरहिल, टुटू, जतोग, भराड़ी सहित अन्य जगहों पर रावण दहन किया गया। इस अवसर पर राम रावण युद्ध का मंचन भी हुआ।

Web Title: Government will consider Shimla's name change

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