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दैनिक सवेरा के कार्यक्रम सुनो सरपंच साब में पंजाब के उन गांवों को दिखाया जा रहा है, जो आपकी नजरों से कोसों दूर हैं। वहीं प्रोग्राम के तहत उन गांव को भी दिखाया जा रहा जिसमें पंचायतों द्वारा बड़ी गिनती में विकास कर के एक मिसाल कायम की हैं। आज दैनिक सवेरा की टीम पुहंची है लुधियाना के जिले खैहरा बेट। मॉडर्न शहर लुधियाना जिससे थोड़ी ही किलोमीटर दूर इस गावं के लोग अपने आप को बहुत ही पिछड़ा हुआ मासूस करते है। देखने मे क्योंकि देखने से गांव जितना बड़ा है उतनी ही सुविधाएं यहां लापता हैं।

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पिछले एक साल से इस गांव में विकास के दावों को फेल करती नजर आई गांव में डिस्पेंसरी है। जहां मरीजों को अपना इलाज चल कर कराने नहीं आना पड़ता। बल्कि पहले मरीजों को डिस्पेंसरी के आगे जमा हुए गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। दूसरी तरफ जमा हुए पानी को निकालने के लिए भी सुविधा नहीं है। गांव की लोगों का कहना है की सरकार दावे कर रही की अच्छी और तंदरुस्त सेहत होनी चाहिए पर गांव में डिस्पेंसरी तो जरूर है पर यहां ना कोई डॉक्टर आता है न ही दवाइयां। मानों लोग जैसे यहां ठीक होने नहीं बल्कि बीमार होने आते हो।

इसके अलावा शिक्षा की बात की जाए तो इतने बड़े गांव में एकलौता प्राइमरी स्कूल है जो सरकार के उन सभी दावों की पोल खोलता दिखाई दिया जो शिक्षा को लेकर लोगों से किए गए। स्कूल में न तो कोई अध्यापक है न ही को शिक्षा की सुविधा। अगर यहां कोई छात्र पड़ने भी आता है तो सिर्फ पांचवी क्लास तक उसके बाद बच्चों को दूसरे गांव पर निर्भर होना पड़ता है।

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जहां गांव 3800 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है तो वहीं गांव में आने जाने की कोई सुविधा नहीं है। शायद इसी कारण गांव का कोई रिश्तेदार भी यहां आने से कतराता है। गांव के लोगों का कहना है कि उनके लिए अच्छी बात है कि हमारे रिश्तेदार नहीं आते , हम बहुत पिछड़े हुए इलाके में रहते है। वहीं लोगों के बच्चों की समस्या की बात करें तो गांव में कोई खेल मैदान नहीं है। लोगों का मानना है कि अगर बच्चों का ध्यान खेलकूद में नहीं लगता है तो वो बूरे कामों की तरफ जाने लगते हैं।

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गांव में अभी तक कई चुवान जीत कर कई पंचायते बनी और समयकाल पुरा कर चली गई लेकिन गांव के विकास पर उनका ध्यान कभी नहीं गया। जहां गांव के लोगों के पास समस्याओं की पूरी लिस्ट तैयार है वहीं उन्हें सुनने के लिए किसी सांसद या नेता के कान नहीं तैयार।

Web Title: village Dispensary have lacks of health facilities

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